Considering yourself as the clerk rewrite the story from your own side.

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  • (अपने आपको लिपिक समझते हुए अपनी ओर से इस कहानी को पुनः लिखें।)

Ans. Once I went to a theatre and got a seat in the second row. I was enjoying the play but all of a sudden I sneezed. I didn’t take this seriously. But suddenly I saw my boss sitting before me I felt embarrassed. In the interval I went to him and apologised. My boss was a gentleman. He didn’t take this incident seriously and said that it is natural. In this way he consoled my heart.

मैं एक बार नाटक देखने एक विवेटर में गया और मुझे दूसरी पंक्ति की सीट मिली। मैं मजे से नाटक देख रहा था कि अचानक मुझे छीक आ गई। मैंने इसे गम्भीरता से नहीं लिया। परन्तु अचानक मुझे मेरे मालिक मेरे सामने बैठे दिखाई दिए। मध्यान्तर के समय में उनके पास गया और उनसे क्षमा याचना किया। मेरे मालिक सज्जन व्यक्ति है। उन्होंने इस घटना को गम्भीरता से नहीं लिया और कहा कि छीकना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। इस तरह से उन्होंने मेरे हृदय को सांत्वना दी।

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